महंगाई की मार झेल रहे आम लोगों के लिए एक बड़ी राहत की खबर आई है। एलपीजी गैस सिलेंडर, जो हर घर की रसोई का अहम हिस्सा है, उसकी कीमतों में बदलाव हुआ है। हालांकि इस बार राहत घरेलू 14.2 किलो सिलेंडर में नहीं बल्कि व्यावसायिक 19 किलो एलपीजी सिलेंडर में मिली है। सरकार और तेल कंपनियों ने अगस्त 2025 से कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में कटौती की है। इसका सीधा फायदा उन लोगों को होगा जो रेस्तरां, ढाबों, होटलों या छोटे-छोटे व्यापार में गैस का इस्तेमाल करते हैं।
अब सवाल उठता है – नई कीमत क्या है? किस शहर में कितना फर्क पड़ा? और आम लोगों को इससे क्या लाभ होगा? आइए आसान भाषा में पूरी जानकारी जानते हैं।
घरेलू और व्यावसायिक सिलेंडर – फर्क समझना ज़रूरी
एलपीजी गैस दो तरह के सिलेंडर में आती है –
- घरेलू एलपीजी सिलेंडर (14.2 किलोग्राम):
यह आमतौर पर हर घर की रसोई में इस्तेमाल होता है। - व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर (19 किलोग्राम):
इसका इस्तेमाल मुख्य रूप से होटल, रेस्तरां, कैंटीन, बेकरी और अन्य व्यवसायिक जगहों पर होता है।
इस बार जो कटौती हुई है, वह 19 किलो कॉमर्शियल एलपीजी सिलेंडर में हुई है।
नई रेट – कितनी हुई कीमत में कमी?
तेल विपणन कंपनियों (IOCL, HPCL, BPCL) ने 1 अगस्त 2025 से व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर की कीमत में ₹33.50 तक की कटौती की है।
दिल्ली में नई कीमत
- पहले: ₹1,665.00
- अब: ₹1,631.50
अन्य बड़े शहरों में नई कीमतें
शहर | पहले की कीमत | नई कीमत | फर्क (₹) |
---|---|---|---|
नई दिल्ली | ₹1,665.00 | ₹1,631.50 | -33.50 |
मुंबई | ₹1,617.00 | ₹1,583.50 | -33.50 |
कोलकाता | ₹1,729.00 | ₹1,695.50 | -33.50 |
चेन्नई | ₹1,790.00 | ₹1,756.50 | -33.50 |
(स्रोत: Economic Times)
घरेलू सिलेंडर – कोई बदलाव नहीं
जिन लोगों को उम्मीद थी कि घरेलू 14.2 किलो सिलेंडर की कीमतों में भी कटौती होगी, उनके लिए फिलहाल निराशा है। घरेलू गैस की कीमतें अभी भी स्थिर बनी हुई हैं:
- दिल्ली: ₹853
- मुंबई: ₹852.5
- कोलकाता: ₹879
- चेन्नई: ₹868.5
क्यों घटाई गई कीमतें?
तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और एलपीजी की कीमतों पर नजर रखती हैं। जब वैश्विक स्तर पर दाम कम होते हैं, तो उसका असर घरेलू बाजार में भी पड़ता है।
- अंतरराष्ट्रीय LPG कीमतों में गिरावट
- रुपये और डॉलर की विनिमय दर का असर
- सरकारी टैक्स और सब्सिडी पॉलिसी
कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में कमी मुख्य रूप से व्यापार और व्यवसाय पर बोझ कम करने के लिए की गई है।
आम जनता पर इसका असर
भले ही घरेलू सिलेंडर की कीमतें नहीं बदली हों, लेकिन कॉमर्शियल सिलेंडर सस्ता होने से इसका अप्रत्यक्ष फायदा ग्राहकों तक पहुंच सकता है।
- रेस्तरां और ढाबों में खाना सस्ता हो सकता है
- छोटे व्यवसायों के खर्च कम होंगे
- बेकरी और मिठाई की दुकानों की लागत घटेगी
यानी, जहां रोज़ाना LPG का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है, वहां राहत मिलेगी और इसका असर धीरे-धीरे ग्राहकों तक भी पहुंचेगा।
तुलना – घरेलू बनाम व्यावसायिक सिलेंडर
पहलू | घरेलू (14.2 kg) | व्यावसायिक (19 kg) |
---|---|---|
उपयोग | घरों में खाना पकाने के लिए | होटल, ढाबे, रेस्टोरेंट, कैंटीन |
कीमत (दिल्ली) | ₹853 | ₹1,631.50 |
सब्सिडी उपलब्ध | हाँ (कुछ श्रेणियों में) | नहीं |
हालिया बदलाव | कोई बदलाव नहीं | ₹33.50 की कटौती |
FAQ,s – अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Q1. क्या घरेलू सिलेंडर की कीमत कम हुई है?
नहीं, फिलहाल घरेलू 14.2 किलो एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
Q2. व्यावसायिक सिलेंडर की नई कीमत कितनी है?
दिल्ली में 19 किलो कॉमर्शियल सिलेंडर अब ₹1,631.50 में मिल रहा है।
Q3. क्या यह कटौती पूरे देश में लागू है?
जी हाँ, तेल कंपनियों द्वारा घोषित नई दरें सभी राज्यों और शहरों में लागू होती हैं, हालांकि स्थानीय टैक्स के कारण हल्का फर्क हो सकता है।
Q4. क्या आने वाले समय में घरेलू सिलेंडर भी सस्ता हो सकता है?
यह पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति और सरकारी नीतियों पर निर्भर करता है।
Q5. क्या यह राहत आम जनता को भी मिलेगी?
सीधे तौर पर घरेलू उपभोक्ताओं को राहत नहीं मिली है, लेकिन रेस्तरां और छोटे व्यापारों पर खर्च घटने से परोक्ष रूप से फायदा ग्राहकों तक पहुंच सकता है।
निष्कर्ष
एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बदलाव हमेशा आम जनता और व्यापारियों की जेब पर सीधा असर डालते हैं। इस बार घरेलू सिलेंडर की दरें जस की तस रही हैं, लेकिन कॉमर्शियल 19 किलो सिलेंडर की कीमत में ₹33.50 की कटौती ने व्यापारियों और छोटे उद्यमियों को राहत दी है।
यह कदम छोटे-छोटे ढाबों से लेकर बड़े होटलों तक, सभी को आर्थिक रूप से सहारा देगा और संभव है कि ग्राहकों को भी खाने-पीने के बिल में थोड़ी राहत देखने को मिले। अब देखना होगा कि आने वाले महीनों में घरेलू सिलेंडर की कीमतों में भी कोई अच्छी खबर आती है या नहीं।

Nand Kishor is a content writer covering business, economy, and world affairs. With a background in journalism, he focuses on clear, ethical, and insightful reporting. Outside of work, he enjoys chess, cricket, and writing short stories.