भारत ने हाल के वर्षों में विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में कई उपलब्धियां हासिल की हैं। अब देश ने एक और बड़ी छलांग लगाई है—Quantum Computer बनाने की दिशा में। यह तकनीक आने वाले समय में न सिर्फ कंप्यूटिंग की दुनिया बदल देगी बल्कि संचार, सुरक्षा, चिकित्सा और औद्योगिक अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में भी क्रांति लाने वाली है।
Quantum Computing क्या है?
साधारण कंप्यूटर “बिट्स” पर काम करते हैं, जो केवल 0 और 1 के रूप में जानकारी रखते हैं। लेकिन Quantum Computer “क्यूबिट्स (Qubits)” पर आधारित होते हैं। क्यूबिट्स की खासियत यह है कि वे एक समय में 0 और 1 दोनों हो सकते हैं। इस गुण को Superposition कहते हैं। इसके अलावा, क्यूबिट्स आपस में जुड़े रहते हैं जिसे Entanglement कहते हैं। इन दोनों सिद्धांतों के कारण Quantum Computer बेहद जटिल गणनाओं को साधारण कंप्यूटर की तुलना में लाखों गुना तेज़ी से हल कर सकते हैं।
भारत का नेशनल Quantum Mission
भारत सरकार ने अप्रैल 2023 में National Quantum Mission (NQM) की शुरुआत की। इसके लिए लगभग ₹6,003 करोड़ का बजट तय किया गया है। इस मिशन का लक्ष्य है:
- अगले 3 साल में 20 से 50 Qubits वाला कंप्यूटर तैयार करना।
- 5 साल में इसे बढ़ाकर 50 से 100 Qubits करना।
- और अगले 8 सालों में 1000 Qubits तक पहुंचना।
इस मिशन के तहत सिर्फ Quantum Computer ही नहीं, बल्कि Quantum Communication Network, Quantum Sensors और अन्य नई तकनीकों पर भी काम किया जाएगा।
QpiAI का “Indus” Quantum Computer
भारत का पहला स्वदेशी Quantum Computer बनाने का श्रेय बेंगलुरु की स्टार्टअप कंपनी QpiAI को जाता है। इसने हाल ही में अपना कंप्यूटर लॉन्च किया जिसका नाम है QpiAI-Indus।
- यह मशीन 25 superconducting Qubits पर आधारित है।
- इसमें खास तरह की Cryogenic Technology का उपयोग किया गया है जिससे मशीन बेहद ठंडे तापमान पर काम कर सकती है।
- इसके single-qubit gate fidelity लगभग 99.7% और two-qubit gate fidelity लगभग 96% बताई गई है, जिसका मतलब है कि यह काफी सटीक तरीके से गणना करने में सक्षम है।
- कंपनी का अगला लक्ष्य 64 Qubits तक पहुंचना है और 2030 तक कम से कम 100 Logical Qubits तैयार करने की योजना है।
अमरावती में Quantum Valley टेक पार्क
भारत सरकार और निजी कंपनियां मिलकर एक बड़ा टेक हब बनाने की योजना बना रही हैं। आंध्र प्रदेश के अमरावती में जल्द ही Quantum Valley नाम का टेक पार्क विकसित होगा। इसमें IBM और TCS साझेदारी करेंगे और यहां IBM Quantum System Two लगाया जाएगा। इस मशीन में 156-Qubit Heron प्रोसेसर होगा, जो भारत का अब तक का सबसे बड़ा Quantum Computer साबित होगा।
अन्य पहल
- C-DAC (Centre for Development of Advanced Computing) बेंगलुरु में एक Quantum Reference Facility स्थापित करने जा रहा है। यह अगले 3 साल में तैयार होगा और इसका उपयोग रिसर्च, टेस्टिंग और बेंचमार्किंग के लिए किया जाएगा।
- भारत Quantum Communication Network पर भी काम कर रहा है ताकि देश को सुरक्षित संचार व्यवस्था मिल सके।
चुनौतियां
हालांकि भारत ने इस क्षेत्र में कदम बढ़ा दिए हैं, लेकिन चुनौतियां भी कम नहीं हैं।
- Error Correction: अभी तक Quantum Computer में डेटा को लंबे समय तक स्थिर रखना मुश्किल है।
- Logical Qubits: फिलहाल हमारे पास “Noisy Qubits” हैं, जबकि असली शक्ति “Logical Qubits” में है।
- हार्डवेयर सप्लाई: Cryogenic मशीनें और अन्य उपकरण अभी विदेश से लाने पड़ते हैं।
- विशेषज्ञों की कमी: इस क्षेत्र में प्रशिक्षित वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की संख्या बहुत कम है।
- व्यावहारिक उपयोग: अभी Quantum Computers सिर्फ शोध और प्रयोगों में काम आ रहे हैं, लेकिन आने वाले समय में यह दवा निर्माण, मौसम पूर्वानुमान, सुरक्षा और AI जैसे क्षेत्रों में भी बड़ी भूमिका निभाएंगे।
भारत बनाम दुनिया
दुनिया में अमेरिका, चीन और यूरोप इस क्षेत्र में सबसे आगे हैं। IBM और Google जैसी कंपनियां पहले से ही सैकड़ों Qubits वाले कंप्यूटर बना चुकी हैं। भारत ने अभी 25 Qubits का कंप्यूटर बनाया है, लेकिन यहां की सरकार और निजी कंपनियों का रोडमैप काफी महत्वाकांक्षी है। अगर यह मिशन तय समय पर सफल होता है तो भारत अगले दशक में Quantum Technology की दौड़ में अग्रणी देशों में शामिल हो सकता है।
निष्कर्ष
भारत का Quantum Journey अभी शुरुआती दौर में है, लेकिन QpiAI-Indus और National Quantum Mission (NQM) यह साबित करते हैं कि देश ने भविष्य की तकनीक की ओर ठोस कदम बढ़ा दिए हैं। आने वाले वर्षों में Quantum Computers न सिर्फ भारत की शोध क्षमताओं को नई ऊंचाई देंगे, बल्कि साइबर सुरक्षा, उद्योग और विज्ञान के हर क्षेत्र में इसका प्रभाव दिखाई देगा।
भारत के लिए यह सिर्फ तकनीकी उपलब्धि नहीं, बल्कि Atmanirbhar Bharat की दिशा में एक मजबूत पहल है।
Nand Kishor is a content writer covering business, economy, and world affairs. With a background in journalism, he focuses on clear, ethical, and insightful reporting. Outside of work, he enjoys chess, cricket, and writing short stories.
